Holi Essay in Hindi होली पर निबंध: रंगों का त्यौहार “होली”

होली पर निबंध Holi Essay in Hindi: आज का टॉपिक भारत में मनाया जाने वाला महुत्वपुर्ण त्यौहार है, आज हम जानेगे होली के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी, होली के इस त्यौहार को रंगों का त्यौहार भी कहा जाता है। Read the whole article on Holi (Holi Par Nibandh Hindi Mein).

जैसा की हम सब जानते है होली का त्यौहार हम सभी भारतीओं के लिए खास है। इसलिए यह विषय और भी खास हो जाता है। आज हम होली के त्यौहार की महत्व के बारे में जैसे की, क्यों मनाया जाता है होली का पर्व? We are going to explore Holi Nibandh or Paragraph On Holi in Hindi or 10 Lines On Holi Festival in Hindi for Class 2 and higher classes.

Holi Essay in Hindi

Holi Essay in Hindi | होली पर निबंध | Holi Par Essay

प्रस्तावना (Introduction)

प्राचीन काल से ही त्यौहार भारतीय संस्कृति के सबसे बड़े वाहक और संरक्षक भी बने हुए है । त्यौहार हमारे जीवन की नीरस एकरसता को तोड़कर नयी उमंग और हर्ष का संचार करते है।

हमारे परंपरागत त्योहारों में रंगों का त्यौहार होली भी एक महत्वपूर्ण पर्व माना गया है । इस त्यौहार में संयोग से मिलाप होने की सम्भावना अन्य पर्व की अपेक्षा अधिक होती है और मिल-जुलकर रंग आदि लगाने से यह हमारी समानता की भावना को भी विस्तार प्रदान करता है और समरसता बढ़ाता है।

हमारे देश में शायद ही ऐसी कोई तिथि है जो किसी न किसी पर्व से जुडी हुई न हो । भारत में मनाये जाने वाले हर एक पर्व के पीछे कोई न कोई धार्मिक और सामाजिक मान्यता अवश्य ही जुडी रहती है।

होली का पर्व भी एक पौराणिक कथा से जुडा हुआ है। ऐसी मान्यता है की हिरनकश्यप नामक राक्षस ने जब भगवान का अस्तित्व ही नकार कर अपनी प्रजा को स्वयं को ही भगवान मानने पर विवश कर दिया।

तब अपने ही पुत्र प्रहलाद के भगवत मार्गी हो जाने पर उसने उसे मारने के लिए कई असफल प्रयास किये और अंत में आग से न जल पाने का वरदान प्राप्त अपनी बहिन होलिका को अपने पुत्र प्रहलाद को अग्नि में लेकर बैठ जाने का आदेश दिया।

किन्तु भगवत कृपा से उस दिन होलिका तो जल गयी और प्रहलाद सकुशल बच गया । तभी से इस दिन यह पर्व बुराई को आग में जला देने की मान्यता के साथ हर वर्ष मनाया जाने लगा जो आज तक अनवरत रूप से जारी है ।

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रंगों का यह त्यौहार अपार हर्ष और प्रसन्नता का पर्व है । ब्रज क्षेत्र में तो यह त्यौहार एक पखवाड़े तक चलता है । इससे पूर्व ही मंदिरों में फाग आदि के कार्यक्रम होने लगते है और सारा माहौल ही भक्तिमय हो जाता है।

लोग इस दिन पुराने वैर-भाव भुलाकर एक दुसरे के गले मिलते है और परस्पर रंग-गुलाल आदि लगाते है । पूर्णिमा को होलिका का दहन सामूहिक रूप से किया जाता है । इस अवसर पर महिलाए श्रृंगार कर पूजन आदि करती है ।

मुग़ल बादशाहों की महफ़िलो और शायरी में भी होली का वर्णन हुआ है जिससे साफ़ प्रतीत होता है की यह पर्व मुस्लिम भी प्रसन्नता पूर्वक मानते है।

मीर, जफ़र और नजर आदि की शायरी में होली की धूम का विस्तृत उल्लेख हुआ है जो हमारी लोक परंपरा और सोहार्द का प्रतीक है।

जहाँगीर ने अपने रोजनामचे तुजुक-ए-जहाँगीरी में लिखा की हिंदी संवत्सर के अंत में यह त्यौहार आता है और इस दिन शाम को आग जलाकर दुसरे दिन उसकी राख आदि एक-दुसरे पर मलते है।

अल-बरुनी ने भी अपनी ग्यारहवी सदी की यात्रा में तात्कालिक होली का वर्णन बहुत ही सम्मान के साथ किया है और लिखा है की अन्य दिनों की अपेक्षा इस दिन विशेष पकवान बनते है और ब्राह्मणों को देने के बाद इनका आदान-प्रदान भी होता है।

मुगलों के अंतिम बादशाह अकबर शाह सानी और बहादुरशाह जफ़र तो खुले दरबार में होली खेलने के लिए अत्यंत प्रसिद्ध थे ।

इस पर्व को ऋतुओ से सम्बन्धित भी बताया गया है क्योंकि इन दिनों में मौसम भी सर्दी से गर्मी की और करवट लेने लगता है साथ ही किसानो की मेहनत से तैयार की गयी खेतो में खड़ी फसल भी पक जाती है जिसे देखकर वे ख़ुशी से झूम उठते है।

गेहू की बाली को सामूहिक रूप से होली की आग में भुनकर खाया जाता है और नए अनाज आदि का आदान-प्रदान भी किया जाता है ।

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दूसरा दिन धुलंडी का होता है जो एक-दुसरे पर रंग डालकर मनाया जाता है । इस दिन का विशेषकर बच्चो को बेसब्री से इंतज़ार होता है।

सुबह जल्दी ही हाथो में रंग लिए बच्चो और बड़ो की टोलिया अपना-अपना दल बनाकर गल्ली-मुहल्लों में घुमने लगती है। एक-दुसरे को गले लगाकर, रंग-गुलाल आदि मलकर होली की बधाई दी जाती है।

रंगों से भरे गुब्बारे और पानी की पिचकारियो से रंग डाला जाता है । ढोल और चंग बजाये जाते है और लोकगीत गाये जाते है ।

दोपहर तक रंग लगाने का यह कार्यक्रम समाप्त हो जाता है और लोग नहा-धोकर नए कपडे पहन लेते है । शाम को लोग एक-दुसरे के घर जाते है और बड़ो से आशीष लेते है।

कई जगह इस दिन शाम को मेला आदि लगता है । कई क्षेत्रो में इस दिन दंगल-प्रतियोगिता, हास्य समेलन, मुर्ख-जुलुस आदि सामाजिक कार्यक्रम भी रखे जाते है ।

होली उत्साह और उमंग का त्यौहार है। यह हमारे सामाजिक सोहार्द का उत्तम पर्व है किन्तु कुछ लोग इस दिन मदिरा आदि का सेवन कर आपस में ही विवाद कर बैठते है जो हमारे भाईचारे और ज़ीयों और जीने दो के मूल मंत्र पर कलंक के सामान है और इस त्यौहार की गरिमा तथा मूल भावना को ठेस पहुचता है ।

Holi Par Essay

10 Lines on Holi Essay in Hindi | Holi Par Lekh

  1. होली भारत का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे रंगों के त्योहार के रूप में भी जाना जाता है।
  2. फाल्गुन माह की प्रत्येक वर्ष होली मनाई जाती है।
  3. होली मनाने के पीछे का कारण, इस दिन अग्नि से श्री कृष्ण भक्त प्रह्लाद जीवित हो उठे।
  4. आम तौर पर होली दो दिन का त्यौहार होता है, भारत के कुछ हिस्सों में इसे एक सप्ताह के लिए मनाया जाता है, पहले दिन होलिका जलाई जाती है, जिसे होलिका दहन (होलिका का भेद) भी कहा जाता है और आगामी दिन हम एक रंगीन होली मनाते हैं ।
  5. होली का त्योहार भाईचारा लाता है, एक प्रसिद्ध कहावत है, होली के दिन दुश्मन भी दोस्त बन जाते हैं।
  6. बच्चे, युवा और बूढ़े लोग रंगों से खेलते हैं और खुशियाँ फैलाते हैं।
  7. मथुरा वृंदावन शहर होली के लिए आकर्षण का केंद्र है (लोकप्रिय लठमार होली के रूप में जाना जाता है)
  8. रंग महोत्सव “होली” पूरे भारत में सभी धर्मों के लोगों द्वारा मनाया जाता है।
  9. भारत में सार्वजनिक अवकाश के रूप में एक होली त्योहार मनाया जाता है।
  10. भारत में ही नहीं, भारत का प्रमुख त्योहार होने के नाते, यह पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, बांग्लादेश, मलेशिया और दुनिया के अन्य हिस्सों जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, मॉरीशस और भी कई देशों में मनाया जा रहा है।

Few Lines On Holi Festival in English

  • Holi is a major festival of India, also known as festival of colors.
  • Holi is celebrated every year of the month of Falgun.
  • Holi festival brings brotherhood, A well known saying, enemies also become friends on the day of Holi.
  • The reason behind the celebrating Holi, On this day the Shri Krishna devotee Prahlad came back alive from Agni.
  • Generally, Holi is a two-day festival, In some parts of India it is celebrated for one week, Holika is burnt on the first day, also called Holika Dahan (destruction of Holika) and on the following day we celebrate a colourful Holi.
  • Kids, young & old people play with colours and spread happiness.
  • The city of Mathura Vrindavan is a centre of attraction for Holi (popularly known as Lathmar Holi)
  • The colour Festival “Holi” is celebrated throughout India, by people of all religions.
  • A Holi festival is observed as a public holiday in India.
  • Not just in India, is India’s major festival, it is also celebrating in neighbouring countries such as Nepal, Bangladesh, Malaysia and other parts of the world like United States, Canada, Mauritius & more.

10 Lines of Holi in Hinglish

  • Holee bhaarat ka ek pramukh tyohaar hai, jise rangon ke tyohaar ke roop mein bhee jaana jaata hai.
  • Phaalgun maah kee pratyek varsh holee manaee jaatee hai.
  • Holee manaane ke peechhe ka kaaran, is din agni se shree krshn bhakt prahlaad jeevit ho uthe.
  • Aam taur par holee do din ka tyauhaar hota hai, bhaarat ke kuchh hisson mein ise ek saptaah ke lie manaaya jaata hai, pahale din holika jalaee jaatee hai, jise holika dahan (holika ka bhed) bhee kaha jaata hai aur aagaamee din ham ek rangeen holee manaate hain .
  • Holee ka tyohaar bhaeechaara laata hai, ek prasiddh kahaavat hai, holee ke din dushman bhee dost ban jaate hain.
  • Bachche, yuva aur boodhe log rangon se khelate hain aur khushiyaan phailaate hain.
  • Mathura vrndaavan shahar holee ke lie aakarshan ka kendr hai (lokapriy lathamaar holee ke roop mein jaana jaata hai)
  • Rang mahotsav “holee” poore bhaarat mein sabhee dharmon ke logon dvaara manaaya jaata hai.
  • Bhaarat mein saarvajanik avakaash ke roop mein ek holee tyohaar manaaya jaata hai.
  • Bhaarat mein hee nahin, bhaarat ka pramukh tyohaar hone ke naate, yah padosee deshon jaise nepaal, baanglaadesh, maleshiya aur duniya ke any hisson jaise sanyukt raajy amerika, kanaada, moreeshas aur bhee kaee deshon mein manaaya ja raha hai.

निष्कर्ष (Conclusion)

मुझे आशा है की आप सभी लोगों को होली पर निबंध or Holi Par Anuched (Holi Essay in Hindi), Holi Par Nibandh, Holi Par Nibandh Hindi Mein पसंद आया होगा। ख़ास तौर से यह निबंध स्कूल जाने वाले छात्रों जो कक्ष्या १, २, ३, ४, ५, ६, ७, ८, ९, उन सभी लोगों के लिए उपयोगी रहा होगा। होली के इस निबंध को दोस्तों में और सोशल मीडिया में जरूर शेयर करें। अपना बहुमूल्य समय देने के लिए ध्यानवाद।

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